UP Basic Shiksha News : उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों के लिए एक बहुत ही राहत भरी और महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय, लखनऊ द्वारा जारी एक आधिकारिक बैठक के कार्यवृत्त (Minutes of Meeting) के अनुसार, शिक्षकों के ऑनलाइन प्रोन्नत वेतनमान में अब तक लागू 20 प्रतिशत की सीमा को समाप्त (विलोपित) करने की तैयारी की जा रही है।
इस संबंध में शत-प्रतिशत पात्र शिक्षकों को प्रोन्नत वेतनमान का लाभ दिए जाने हेतु एक सुविचारित प्रस्ताव शासन को भेजने का निर्देश दिया गया है। आइए इस पूरे मामले और जारी हुए आदेश के मुख्य बिंदुओं को विस्तार से समझते हैं।
क्या है पूरा मामला? (Online Pronnat Vetanman 20 Percent Limit)
विगत 17 जून 2026 को महानिदेशक, स्कूल शिक्षा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में मानव संपदा पोर्टल (Manav Sampada Portal) पर संचालित 'ऑनलाइन प्रोन्नत वेतनमान मॉड्यूल' को विकसित करने और उसे और अधिक प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई।
इस बैठक के आधिकारिक पत्र (पत्रांक: महा०नि० / एम०आई०एस० / एन०आई०सी० / 2195 / 2026-27, दिनांक 25 जून 2026) के बिंदु संख्या 3 में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि:
"ऑनलाइन प्रोन्नत वेतनमान में 20 प्रतिशत की सीमा को विलोपित करते हुए शत-प्रतिशत को प्रोन्नत वेतनमान दिये जाने विषयक सुविचारित प्रस्ताव शासन को प्रेषित किये जाने हेतु निर्देशित किया गया।"
शिक्षकों को इससे क्या लाभ होगा?
वर्तमान व्यवस्था या पूर्व के नियमों के कारण प्रोन्नत वेतनमान के लाभ में जो 20% की बाध्यता या सीमा थी, उसके हट जाने से अब विभाग के शत-प्रतिशत (100%) पात्र शिक्षकों को इसका सीधा लाभ मिल सकेगा। इससे शिक्षकों के वेतन और एरियर संबंधी विसंगतियां दूर होंगी और पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन व पारदर्शी हो जाएगी।
महानिदेशक कार्यालय द्वारा जारी आदेश के मुख्य बिंदु:
इस समीक्षा बैठक में मानव संपदा पोर्टल और शिक्षकों के हितों से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण फैसले भी लिए गए हैं, जो निम्नलिखित हैं:
जुलाई 2026 में प्रस्तुतीकरण: शासनादेश के अनुसार Work Flow बनाते हुए मॉड्यूल विकसित कराकर माह जुलाई 2026 के द्वितीय सप्ताह में महानिदेशक के समक्ष प्रस्तुतीकरण (Presentation) किया जाएगा।
चयन वेतनमान के बाद भुगतान की पुष्टि: चयन वेतनमान स्वीकृत होने के उपरान्त चयन वेतनमान सहित वेतन भुगतान हो रहा है अथवा नहीं, इसकी पुष्टि के लिये पोर्टल पर आवश्यक प्रावधान करने के निर्देश दिए गए हैं।
20% की सीमा का विलोपन: प्रोन्नत वेतनमान में 20% की सीमा को समाप्त कर शत-प्रतिशत शिक्षकों को लाभ देने का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
प्रभावी डैशबोर्ड का निर्माण: मानव संपदा पोर्टल पर विभिन्न बिन्दुओं की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए एक नया और अपडेटेड डैशबोर्ड बनाया जाएगा।
SMS अलर्ट की सुविधा: विभिन्न स्तरों पर पेंडेंसी (Pendency) यानी आवेदनों के लटके रहने के संबंध में संबंधित सभी पक्षों को SMS अलर्ट भेजने का प्रावधान किया जाएगा, जिससे काम में तेजी आएगी।
त्रुटिरहित डेटा और प्रमाण-पत्र: समस्त जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) से यह प्रमाण-पत्र लिया जाएगा कि मानव संपदा पोर्टल पर सभी शिक्षकों/कर्मचारियों की प्रविष्टियाँ पूर्ण एवं त्रुटिरहित हैं।
मानव संपदा पोर्टल से व्यवस्था होगी पारदर्शी
शिक्षकों को अपने चयन वेतनमान या प्रोन्नत वेतनमान के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, इसीलिए एन०आई०सी० (NIC) के सहयोग से इसे पूरी तरह ऑनलाइन मॉड्यूल में बदला जा रहा है। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि एन०आई०सी० के कर्मियों को बेसिक शिक्षा निदेशालय में ही बैठाकर समयबद्ध रूप से इन कार्यों का निस्तारण कराया जाए।
बेसिक शिक्षा विभाग का यह कदम शिक्षकों के आर्थिक हितों की रक्षा और विभागीय कार्यप्रणाली को डिजिटल व पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा। जैसे ही इस प्रस्ताव को शासन से अंतिम मंजूरी मिलती है, प्रदेश के हजारों शिक्षकों को इसका सीधा आर्थिक लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।
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